समाचार एजेंसी इर्ना की रिपोर्ट के मुताबिक़, इस्लामी गणतंत्र ईरान के सेनाध्यक्ष मेजर जनरल मोहम्मद बाक़ेरी ने अपने एक बयान में कहा है कि हमे विश्वास है कि अमेरिकी धमकियों से आईआरजीसी की लोकप्रियता में और अधिक वृद्धि होने का अवसर प्रदान होगा। उन्होंने आईआरजीसी के ख़िलाफ़ अमेरिका के हालिया फ़ैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अमेरिकी नेतृत्व, इस्लामी क्रांति संरक्षक बल की अपार सफलता से क्रोधित है और उनके द्वारा क्रोध में लिया गया फ़ैसला उनकी एक बड़ी स्ट्रेटेजिक ग़लती है।
मेजर जनरल बाक़ेरी ने 22 अप्रैल के हवाले से, जिस दिन इस्लामी क्रांति संरक्षक बल के गठन का बिल पास हुआ था, उसकी बधाई दी और कहा कि आईआरजीसी का संबंध ईरानी जनता से है जिसकी 40 वर्षों की उपलब्धियों में बहादुरी, बलिदान और विशेष सेवाएं शामिल हैं। ईरान के सेनाध्यक्ष ने कहा कि आईआरजीसी का मुख्य उद्देश्य इस्लामी क्रांति की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि आईआरजीसी एक ऐसी कामयाब फ़ोर्स है जिसने पिछले 40 वर्षों से अमेरिकी साज़िशों और नापाक योजनाओं एवं व्हाइट हाउस में बैठे अधिकारियों की महत्वाकांक्षाओं को मिट्टी में मिला दिया है। जनरल बाक़ेरी ने अमेरिका की ओर से आईआरजीसी को अतंर्राष्ट्रीय आतंकवादी सूची में डालने की एक बार फिर कड़े शब्दों में निंदा की और उसे अंतर्राष्ट्रीय क़ानून का खुला उल्लंघन बताया।
उल्लेखनीय है कि अमरीकी सरकार ने क्षेत्र में उन शक्तियों पर दबाव डालने की अपनी नीति जारी रखते हुए कि जिन्होंने वाशिंग्टन समर्थित आतंकवादियों को पराजित किया है, आईआरजीसी को आतंकवादियों की सूची में शामिल कर दिया है। अमरीका की इस कार्यवाही की दुनिया के बहुत से देशों में निंदा की है।